पत्नीकडून मोठी फसवणूक (AI Image)
पुणे
N
News1801-01-2026, 09:48

पुणे: पत्नी के धोखाधड़ी मामले में पति को बड़ी राहत, कोर्ट ने रद्द किया निचली अदालत का आदेश.

  • पुणे सत्र न्यायालय ने एक पारिवारिक विवाद में पति को बड़ी राहत दी, जिसमें पत्नी पर संयुक्त व्यवसाय से गबन का आरोप था.
  • पत्नी गीता (बदला हुआ नाम) पर पति समर (बदला हुआ नाम) की जानकारी के बिना व्यावसायिक लाभ का व्यक्तिगत उपयोग करने और कंपनी पर नियंत्रण करने का आरोप था.
  • निचली अदालत ने पति को 88 लाख रुपये के व्यवसाय और गोल्ड लोन की 75% किस्तें चुकाने का आदेश दिया था, जिसे एडवोकेट सुप्रिया कोठारी ने चुनौती दी.
  • सत्र न्यायाधीश के. पी. क्षीरसागर ने पत्नी के संदिग्ध लेनदेन, स्वतंत्र आय और वित्तीय गबन का हवाला देते हुए निचले अदालत के आदेश को रद्द कर दिया.
  • अदालत ने कहा कि पत्नी द्वारा कंपनी पर नियंत्रण करने और गबन करने के बाद पति पर ऋण का बोझ डालना अनुचित था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पुणे सत्र न्यायालय ने पति को पत्नी के गबन किए गए व्यवसाय ऋण का भुगतान करने के आदेश से मुक्त किया.

More like this

Loading more articles...