एकादशी व्रत को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय माना जाता है।
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Moneycontrol19-01-2026, 22:21

एकादशी 2026: एकादशी व्रत में चावल क्यों नहीं खाते? जानें इसके पीछे का रहस्य.

  • हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, जो हर महीने दो बार आता है और भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है.
  • भक्त एकादशी पर फलाहार या निर्जला व्रत रखते हैं और इस दिन चावल का सेवन नहीं करते हैं.
  • पौराणिक कथा के अनुसार, महर्षि मेधा का शरीर एकादशी के दिन पृथ्वी में समा गया था, जिससे चावल और जौ उत्पन्न हुए.
  • एकादशी पर चावल खाना महर्षि मेधा के मांस और रक्त का सेवन करने के समान माना जाता है, इसलिए वैष्णव परंपरा में यह वर्जित है.
  • कुछ पुराणों के अनुसार, एकादशी पर चावल खाने से व्यक्ति अगले जन्म में रेंगने वाले जीव के रूप में जन्म लेता है और पुण्य नष्ट होते हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एकादशी पर चावल न खाने की मान्यता महर्षि मेधा के शरीर के पृथ्वी में समाने की पौराणिक कथा से जुड़ी है.

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