भारत के फसल उत्सव 2026: परंपरा, कृतज्ञता और समृद्धि का भव्य समारोह.

धर्म
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Moneycontrol•12-01-2026, 12:17
भारत के फसल उत्सव 2026: परंपरा, कृतज्ञता और समृद्धि का भव्य समारोह.
- •भारत के फसल उत्सव 2026 कृषि, मौसम और परंपरा के गहरे संबंध को दर्शाते हैं, जो सफल फसल के लिए कृतज्ञता व्यक्त करते हैं.
- •जनवरी 2026 में पोंगल, लोहड़ी, मकर संक्रांति, उत्तरायण, मकरविलक्कू और माघ बिहू जैसे प्रमुख फसल उत्सव मनाए जाएंगे.
- •तमिलनाडु में भोगी पांडिगई (13 जनवरी) पुरानी वस्तुओं को त्यागने और वर्षा तथा कृषि समृद्धि का सम्मान करने का प्रतीक है.
- •पंजाब में लोहड़ी (13 जनवरी) सर्दियों के अंत का प्रतीक है और रबी फसलों का जश्न अलाव और लोकगीतों के साथ मनाती है.
- •मकर संक्रांति और उत्तरायण (14 जनवरी) सूर्य के मकर राशि में संक्रमण का प्रतीक है, जिसे कई राज्यों में पतंग उड़ाने और दान के साथ मनाया जाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत के 2026 के फसल उत्सव कृषि, कृतज्ञता और सामुदायिक भावना का जश्न मनाते हुए विविध परंपराओं को एकजुट करते हैं.
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