महाशिवरात्रि 2026: शिव-पार्वती विवाह से परे, जानें इस पर्व का असली महत्व
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News1822-01-2026, 12:02

महाशिवरात्रि 2026: शिव-पार्वती विवाह से परे, जानें इस पर्व का असली महत्व

  • महाशिवरात्रि 2026 रविवार, 15 फरवरी को माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी.
  • शिव पुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि भगवान सदाशिव के दिव्य लिंगम के रूप में पहली बार प्रकट होने का प्रतीक है, जो ब्रह्मा और विष्णु के बीच विवाद को सुलझाने के लिए हुआ था.
  • यह दिन भगवान शिव के लिंगम स्वरूप के जन्म समारोह के रूप में मनाया जाता है, जो उनके निराकार से साकार रूप में प्रकट होने का प्रतीक है.
  • लोकप्रिय धारणा के विपरीत, शिव पुराण में कहा गया है कि शिव का सती और पार्वती से विवाह महाशिवरात्रि पर नहीं, बल्कि अलग-अलग तिथियों पर हुआ था.
  • महाशिवरात्रि पर व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, कष्ट दूर होते हैं और संतान, धन व स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महाशिवरात्रि भगवान शिव के दिव्य लिंगम के रूप में प्रकट होने का उत्सव है, न कि उनके विवाह का.

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