इस प्रकार कुल मिलाकर FII और DII ने मिलकर भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹2,216 करोड़ का नेट इन्वेस्टमेंट किया, जिससे बाजार में तेजी का रुख बना रहा है.
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CNBC Awaaz25-12-2025, 08:57

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: रिटेल निवेशक और F&O को लगा झटका.

  • 2025 में भारतीय शेयर बाजार में कैश और डेरिवेटिव्स (F&O) दोनों के ट्रेडिंग वॉल्यूम में बड़ी गिरावट देखी गई, जो F&O के लिए 2013 के बाद सबसे बड़ी और कैश मार्केट के लिए तीन साल की सबसे कम गिरावट है.
  • कैश मार्केट का टर्नओवर 16% गिरा, जिसका मुख्य कारण आम निवेशकों की कम भागीदारी है, जो अपेक्षित रिटर्न न मिलने, उच्च अस्थिरता और पैसे फंसने के डर से प्रभावित थे.
  • डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में 17% की गिरावट 2013 के बाद पहली बार हुई, जिसका मुख्य कारण SEBI के सख्त नियम थे, जिनमें लॉट साइज बढ़ाना, मार्जिन बढ़ाना और साप्ताहिक एक्सपायरी कम करना शामिल है.
  • विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, उच्च मूल्यांकन, वैश्विक तनाव और बढ़ते टैक्स व ब्रोकरेज शुल्क के कारण आम निवेशक बाजार से दूर हुए.
  • सेंसेक्स और निफ्टी में 10% की वृद्धि के बावजूद, व्यापक बाजार कमजोर रहा; मिडकैप लगभग सपाट और स्मॉलकैप 9% नीचे रहा, जिससे अधिकांश छोटे निवेशकों के पोर्टफोलियो प्रभावित हुए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सूचकांकों में वृद्धि के बावजूद, खुदरा भागीदारी और F&O वॉल्यूम में गिरावट से बाजार का स्वास्थ्य प्रभावित है.

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