क्रिसमस 2025: मुसलमान ईसा मसीह को मानते हैं, फिर भी क्यों नहीं मनाते क्रिसमस?

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Moneycontrol•20-12-2025, 14:03
क्रिसमस 2025: मुसलमान ईसा मसीह को मानते हैं, फिर भी क्यों नहीं मनाते क्रिसमस?
- •मुसलमान ईसा मसीह को अल्लाह का पैगंबर ईसा मानते हैं, जिनका कुरान में कई बार जिक्र है.
- •ईसाई और मुस्लिम दोनों मानते हैं कि मरियम ने बिना पिता के ईसा को जन्म दिया, जो अल्लाह की शक्ति से हुआ.
- •ईसाई सूली पर चढ़ने में विश्वास करते हैं, जबकि इस्लाम मानता है कि अल्लाह ने ईसा को बचाया और स्वर्ग में उठाया.
- •मुसलमान क्रिसमस नहीं मनाते क्योंकि यह ईसाई धर्म की त्रिमूर्ति (ट्रिनिटी) जैसी मान्यताओं से जुड़ा है, जो इस्लाम के एकेश्वरवाद (तौहीद) के खिलाफ है.
- •इस्लाम के अपने त्योहार ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा हैं, और इस तरह जन्मदिन मनाना इस्लामी परंपरा का हिस्सा नहीं है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुसलमान ईसा को पैगंबर मानते हैं लेकिन धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के कारण क्रिसमस नहीं मनाते हैं.
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