
दिनेश फलहारी ने आशुतोष ब्रह्मचारी पर नाबालिग लड़कों का यौन शोषण करने और शंकराचार्य को फंसाने का आरोप लगाया। फलहारी ने यह भी दावा किया कि ब्रह्मचारी ने झूठे मुकदमे दर्ज करके पैसे ऐंठे।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 25 मार्च, 2026 को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अग्रिम जमानत प्रदान की। न्यायालय ने इससे पहले 27 फरवरी, 2026 को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने वाहन पर हमले का भी दावा किया है।