श्री वीरभद्र स्वामी मंदिर: मन्नत पूरी होने पर लेटकर की जाने वाली अनोखी परिक्रमा
श्री वीरभद्र स्वामी मंदिर: जहां मन्नत पूरी होने पर लेटकर होती है अनोखी परिक्रमा
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News18•17-03-2026, 13:01
श्री वीरभद्र स्वामी मंदिर: जहां मन्नत पूरी होने पर लेटकर होती है अनोखी परिक्रमा
•तेलंगाना में स्थित श्री वीरभद्र स्वामी मंदिर दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों में एक विशेष स्थान रखता है, जिसका इतिहास लगभग 900 ईस्वी का है.
•मंदिर के गर्भगृह में भगवान वीरभद्र स्वामी अपनी उग्र मुद्रा में विराजमान हैं, जिनकी दस भुजाएं और तीन आंखें उनके पराक्रम का प्रतीक हैं. देवी भद्रकाली की सौम्य प्रतिमा भी स्थापित है.
•यहां की सबसे अनोखी परंपरा है शरीर से परिक्रमा करना; मन्नत पूरी होने पर भक्त गीले कपड़ों में जमीन पर लेटकर मंदिर की परिक्रमा करते हैं, जिससे बुरी शक्तियां दूर होती हैं.
•कुरावी मंदिर में धार्मिक विविधता भी है: मुख्य मंदिर में वीरभद्र स्वामी को शाकाहारी भोग लगता है, जबकि दक्षिण में स्थित मंदिर में देवी भद्रकाली को चिकन और शराब चढ़ाई जाती है.
•मेदाराम जतारा के बाद कुरावी मंदिर आदिवासी समुदायों के लिए दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है, जहां महाशिवरात्रि पर लगभग 1.5 मिलियन भक्त दर्शन के लिए आते हैं.