
बीकानेर में रिश्तेदारों के माथे पर कुमकुम और अक्षत लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। 400 साल पुरानी गणगौर शाही सवारी की परंपरा भी जारी है।
हाँ, रिश्तेदारों के माथे पर कुमकुम और अक्षत लगाकर स्वागत करने की परंपरा बीकानेर और मारवाड़ क्षेत्र में अभी भी व्यापक रूप से प्रचलित है।
परंपराएँ सामाजिक परिवर्तन को दर्शाने के लिए विकसित हो सकती हैं, जिससे समानता और नई चेतना को बढ़ावा मिलता है।