ट्रम्प के शांति समझौते के विफल होने के बाद चीन ने थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की.

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Firstpost•18-12-2025, 19:35
ट्रम्प के शांति समझौते के विफल होने के बाद चीन ने थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की.
- •ट्रम्प द्वारा brokered शांति समझौते के विफल होने के बाद चीन ने थाईलैंड-कंबोडिया सीमा संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की है.
- •अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा समर्थित Kuala Lumpur Peace Accord विफल रहा, दिसंबर में नए सिरे से झड़पें फिर से शुरू हो गईं.
- •अक्टूबर के अंत में औपचारिक रूप से हुए ट्रम्प के समझौते को थाई अधिकारियों ने खारिज कर दिया और तोपखाने के आदान-प्रदान व नागरिक विस्थापन जारी रहा.
- •चीन के एशियाई मामलों के विशेष दूत डेंग ज़िजुन को बैंकॉक और नोम पेन्ह भेजा गया है ताकि तनाव कम करने और बातचीत को बढ़ावा दिया जा सके.
- •बीजिंग का हस्तक्षेप दक्षिण पूर्व एशिया में उसके रणनीतिक हितों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिति को बढ़ावा देना है, हालांकि उसके शांति प्रयासों का ट्रैक रिकॉर्ड मिला-जुला रहा है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: ट्रम्प के शांति समझौते के विफल होने के बाद चीन थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में मध्यस्थता कर रहा है, जो क्षेत्रीय गतिशीलता में बदलाव को दर्शाता है.
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