हसीना: बांग्लादेश में यूनुस सरकार के 'आतंक के शासन' में अल्पसंख्यक 'गंभीर खतरे' में.

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Moneycontrol•13-01-2026, 12:06
हसीना: बांग्लादेश में यूनुस सरकार के 'आतंक के शासन' में अल्पसंख्यक 'गंभीर खतरे' में.
- •बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की आलोचना की है.
- •हसीना का कहना है कि यूनुस सरकार के 'आतंक के शासन' ने डर, जबरन विस्थापन और बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष पहचान को कमजोर किया है.
- •उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन के तहत जमात-ए-इस्लामी और चरमपंथी समूहों को राजनीतिक स्थान और दंडमुक्ति दी जा रही है, जिससे धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने का व्यवस्थित विघटन हो रहा है.
- •हसीना ने दीपू चंद्र दास और उस्मान हादी की हत्याओं को अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दमन के उदाहरण के रूप में उजागर किया.
- •उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के संबंध में अवामी लीग के खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया और जवाबदेही तथा लोकतांत्रिक समाधान का आह्वान किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शेख हसीना ने यूनुस सरकार के तहत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरों की चेतावनी दी है.
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