Sheikh Hasina was ousted from power in Bangladesh following a student uprising beginning July 2024, and went into exile in India as she fled from her country on August 5. (Image: AFP/File)
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News1812-01-2026, 21:02

शेख हसीना ने 'यूनुस सरकार के आतंक के शासन' की निंदा की, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों का हवाला दिया.

  • पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की 'आतंक के शासन' और बांग्लादेश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के क्षरण के लिए आलोचना की.
  • हसीना ने हिंदू कपड़ा श्रमिक दीपू चंद्र दास की हत्या को अल्पसंख्यकों के लिए गंभीर खतरे के प्रमाण के रूप में उजागर किया.
  • उन्होंने यूनुस शासन पर जमात-ए-इस्लामी और संबद्ध चरमपंथी समूहों को राजनीतिक स्थान और दंडमुक्ति देने का आरोप लगाया.
  • हसीना ने कहा कि उनकी सरकार के तहत, अल्पसंख्यक संरक्षण एक संवैधानिक और नैतिक कर्तव्य था, वर्तमान शासन के विपरीत.
  • उन्होंने यूनुस के शासन में असंतोष के दमन और 'आधारहीन आरोपों' पर पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा की.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शेख हसीना ने यूनुस सरकार पर 'आतंक के शासन' का आरोप लगाया, जिससे अल्पसंख्यकों पर हमले और असंतोष का दमन हो रहा है.

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