India absorbs pressure, manages hostility, and advances interests without apology. File image/Reuters
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News1803-01-2026, 16:51

भारत का विद्रोही भाग्य: स्वतंत्र नेतृत्व 2026 में खंडित वैश्विक व्यवस्था को आकार देगा.

  • 2026 में भारत की विदेश नीति "व्यावहारिक अवज्ञा" द्वारा परिभाषित है, जो खंडित वैश्विक व्यवस्था के बीच अधीनता को अस्वीकार करती है और स्वतंत्र नेतृत्व को अपनाती है.
  • नई दिल्ली ने अमेरिकी दबाव (ट्रम्प के टैरिफ) का जवाब रणनीतिक व्यापार समझौतों और दबाव में बातचीत से इनकार करके दिया, जिससे अमेरिकी संबंध की लेन-देन प्रकृति उजागर हुई.
  • भारत ने क्षेत्रीय संबंधों (श्रीलंका, मालदीव, भूटान) को मजबूत किया, पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान के साथ रणनीतिक गठबंधन हासिल किया, और चीन व कनाडा के साथ मेल-मिलाप शुरू किया.
  • पीएम मोदी के ग्लोबल साउथ के दौरे ने भारत को एक स्वतंत्र आधार के रूप में स्थापित किया, जबकि रूस और चीन के साथ जुड़ाव ने संभावित RIC पुनरुद्धार का संकेत दिया, पश्चिमी प्रभाव को चुनौती दी.
  • आगामी 2026 की घटनाओं में संभावित भारत-ईयू एफटीए, प्रमुख क्षेत्रीय चुनाव और बड़े शिखर सम्मेलन (एआई, ब्रिक्स) शामिल हैं, जो वैश्विक जटिलताओं को नेविगेट करते हुए भारत की दिशा को आकार देंगे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का 'विद्रोही नेतृत्व' उसका भाग्य है, जो स्वायत्तता और रणनीतिक स्वतंत्रता के साथ वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है.

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