पाकिस्तानी कोर्ट ने 7 पत्रकारों को 'डिजिटल आतंकवाद' के लिए आजीवन कारावास सुनाया.

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News18•03-01-2026, 18:04
पाकिस्तानी कोर्ट ने 7 पत्रकारों को 'डिजिटल आतंकवाद' के लिए आजीवन कारावास सुनाया.
- •पाकिस्तानी ATC ने 3 जनवरी को सात पत्रकारों/टिप्पणीकारों (आदिल राजा, वकाहत एस खान, साबिर शाकिर, शाहीन सहबाई, मोईद पीरजादा, हैदर मेहदी, अकबर हुसैन) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
- •उन्हें 'डिजिटल आतंकवाद' और 'राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने' का दोषी पाया गया; यह फैसला अनुपस्थिति में सुनाया गया, जो निर्वासित आलोचकों को निशाना बनाता है.
- •ये आरोप 9 मई, 2023 की घटनाओं से जुड़े हैं, जिसमें ऑनलाइन राजनीतिक टिप्पणी को आतंकवाद विरोधी अधिनियम और पाकिस्तान दंड संहिता के तहत आतंकवाद से जोड़ा गया.
- •भारतीय खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा जनरल आसिम मुनीर के प्रभाव में, असंतोष की आवाजों को दबाने की एक सोची-समझी चाल है.
- •वैश्विक अधिकार संगठनों ने मीडिया अधिकारों पर अंकुश लगाने पर चिंता व्यक्त की है; विशेषज्ञ पाकिस्तान की ATC प्रणाली को 'कंगारू कोर्ट' के रूप में ब्लैकलिस्ट करने का सुझाव देते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पाकिस्तान की ATC 'डिजिटल आतंकवाद' के आरोपों का उपयोग आलोचकों को चुप कराने के लिए कर रही है, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ रही है.
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