क्या पाकिस्तान का सऊदी रक्षा समझौता सिर्फ कागजी है? ईरान पर उसकी सतर्क प्रतिक्रिया की पड़ताल | विशेष
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ईरान युद्ध पर पाकिस्तान की सतर्क प्रतिक्रिया ने सऊदी रक्षा समझौते को परखा: क्या गठबंधन सिर्फ कागजों पर है.
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News18•16-03-2026, 15:13
ईरान युद्ध पर पाकिस्तान की सतर्क प्रतिक्रिया ने सऊदी रक्षा समझौते को परखा: क्या गठबंधन सिर्फ कागजों पर है.
•ईरान-सऊदी संघर्ष पर पाकिस्तान की संयमित प्रतिक्रिया ने सितंबर 2025 में हस्ताक्षरित रणनीतिक आपसी रक्षा समझौते (SMDA) की सीमाओं को उजागर किया है.
•समझौते के तहत एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाता है, फिर भी पाकिस्तान ने सैनिकों की तैनाती या सीधी युद्ध सहायता से परहेज किया है, केवल राजनयिक एकजुटता की पेशकश की है.
•प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ की सरकार रियाद के साथ 'अकाट्य एकजुटता' दोहराती है, जबकि सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान के साथ समन्वय बैठकें कीं.
•इस्लामाबाद ने ऑपरेशन गज़ब लिल हक के तहत अपनी पश्चिमी सीमा पर एक अलग सैन्य मोर्चा खोला, जिसमें आतंकवादी समूहों को निशाना बनाया गया, जिससे मध्य पूर्व संकट में सीमित भागीदारी को उचित ठहराया गया.
•विश्लेषक पाकिस्तान के रुख को कैलिब्रेटेड संयम मानते हैं, जो परमाणु-सशस्त्र ईरान से जवाबी कार्रवाई और घरेलू सांप्रदायिक तनाव से बचता है, जिससे मजबूत समर्थन की सऊदी अरब की उम्मीदें धूमिल होती हैं.