
हाँ, पाकिस्तान को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से उसके संबंधों और क्षेत्रीय संघर्षों में उसकी भूमिका के कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ता है।
पाकिस्तान के ईरान-अमेरिका संघर्ष में मध्यस्थता के प्रयासों को संदेह और आलोचना का सामना करना पड़ा है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान की भूमिका का उपहास किया और सुझाव दिया कि वह केवल प्रासंगिक बने रहने की कोशिश कर रहा है।
वैश्विक निकायों का स्पष्ट रूप से विशिष्ट कार्रवाई करने का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट के चलते दुनिया भर की सरकारें आपातकालीन संरक्षण उपाय लागू कर रही हैं।