तालीबान का अमानवीय आदेश: पत्नी को ऐसे पीटो कि पसली न टूटे, इंसानियत शर्मसार
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तालिबान का क्रूर फरमान: पत्नियों को पीटो, पर पसली न टूटे; इंसानियत शर्मसार.
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News18•04-03-2026, 07:06
तालिबान का क्रूर फरमान: पत्नियों को पीटो, पर पसली न टूटे; इंसानियत शर्मसार.
•तालिबान ने फरमान जारी किया कि पुरुष अपनी पत्नियों को पीट सकते हैं, बशर्ते हड्डियां न टूटें, खुले घाव न हों और स्थायी निशान न पड़ें.
•यह फरमान Rawadari द्वारा लीक किया गया और Afghanistan Analysts Network (AAN) ने प्रकाशित किया; 2021 में सत्ता में वापसी के बाद यह पहला स्पष्ट संहिताकरण है.
•यदि पत्नी गंभीर चोट (हड्डी टूटना, खुला घाव) की शिकायत करती है तो पति को 15 दिन की जेल होगी; मामूली मारपीट अपराध नहीं मानी जाएगी.
•जानवरों के प्रति क्रूरता (कुत्ते/मुर्गे लड़ाना) के लिए 5 महीने की जेल का प्रावधान है, जो पत्नी को पीटने से अधिक सख्त है.
•सोडोमी, विधर्म, जादू-टोना, इस्लाम विरोधी सिद्धांत फैलाने और अप्राकृतिक यौन संबंध जैसे अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है.