'हसीना को हटाना लोकतंत्र नहीं, तबाही थी', पूर्व विदेश सचिव ने गिनाए पश्चिम के 3 सबसे बड़े झूठ. (Photo : Reuters)
दक्षिण एशिया
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News1819-12-2025, 20:32

पश्चिम की 3 गलतियां: हसीना को गलत समझा, बांग्लादेश में अराजकता का तांडव.

  • पूर्व भारतीय विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव ने पश्चिमी देशों की बांग्लादेश और शेख हसीना को गलत समझने की आलोचना की, जिससे मौजूदा अस्थिरता पैदा हुई.
  • राव का तर्क है कि पश्चिम ने हसीना को केवल एक तानाशाह के रूप में देखा, उनकी "स्थिरता लाने वाली" भूमिका को नजरअंदाज किया, जिन्होंने जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टरपंथी समूहों को नियंत्रित किया था.
  • पश्चिम की तीन प्रमुख गलतियाँ: हसीना की भूमिका को गलत समझना, विपक्ष को अधिक आंकना और उनके हटने से पैदा हुए सत्ता के शून्य को गलत समझना.
  • हसीना के जाने से कट्टरपंथियों और भीड़ ने सत्ता का शून्य भर दिया, जिससे व्यापक हिंसा, भारतीय राजनयिक संपत्ति और मीडिया पर हमले हुए.
  • कभी स्थिर रहा बांग्लादेश अब संकट का सामना कर रहा है, यूनुस सरकार अप्रभावी साबित हो रही है, जिससे उसके सीरिया या अफगानिस्तान जैसा बनने की चिंता बढ़ गई है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पश्चिम की गलतफहमी ने बांग्लादेश को अस्थिरता और कट्टरपंथी अराजकता में धकेला.

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