A protester vandalises a mural of Bangladesh's former Prime Minister Sheikh Hasina with paint, demanding her resignation at Teacher Student Center (TSC) area of University of Dhaka in Dhaka, on August 3, 2024. (Photo: Mohammad Ponir Hossain/Reuters)
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Firstpost19-12-2025, 19:29

पश्चिम ने बांग्लादेश को गलत समझा, हसीना के बाद कट्टरपंथियों को बढ़ावा: राव.

  • पूर्व विदेश सचिव निरुपमा मेनन राव के अनुसार, पश्चिम ने बांग्लादेश को गलत समझा, इसे डेनमार्क जैसा मानकर शेख हसीना के बाद कट्टरपंथियों को बढ़ावा दिया.
  • राव ने कहा कि पश्चिम ने हसीना की लोकतांत्रिक कमियों पर ध्यान केंद्रित किया, बांग्लादेश के नाजुक राज्य और हिंसक इस्लामी इतिहास को नजरअंदाज किया.
  • पश्चिम ने हसीना को जमात-ए-इस्लामी जैसे समूहों के खिलाफ एक स्थिरता लाने वाली शक्ति के रूप में पहचानने में गलती की और 'लोकतांत्रिक विपक्ष' को अधिक महत्व दिया.
  • हसीना को हटाने से एक शक्ति शून्य पैदा हुआ, जिससे बहुलवाद के बजाय कट्टरपंथी और हिंसक धार्मिक ताकतों को बढ़ावा मिला.
  • हाल ही में भारत के राजनयिकों और मीडिया पर हुए हमलों सहित हिंसा, हसीना के हटने और मुहम्मद यूनुस के सत्ता में आने के बाद की अस्थिरता को दर्शाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पश्चिम की गलतफहमी ने बांग्लादेश में कट्टरपंथियों को सशक्त किया, जिससे शेख हसीना के बाद अस्थिरता आई.

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