भारत में बजट लीक का इतिहास: गोपनीयता से घोटाले तक

ओपिनियन
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CNBC TV18•01-02-2026, 08:31
भारत में बजट लीक का इतिहास: गोपनीयता से घोटाले तक
- •केंद्रीय बजट लीक की हालिया रिपोर्टों को पीआईबी फैक्ट चेक इकाई ने खारिज कर दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि प्रसारित छवि पिछले साल के दस्तावेज़ से डिजिटल रूप से बदली गई थी.
- •बजट प्रस्ताव लोकसभा में प्रस्तुत होने तक गोपनीय रहते हैं; संविधान का अनुच्छेद 112 इसे 'वार्षिक वित्तीय विवरण' के रूप में संदर्भित करता है.
- •1956 में, बजट प्रस्तावों की साइक्लोस्टाइल प्रतियां प्रस्तुति से पहले मुंबई में बेची गईं, जिससे गिरफ्तारियां हुईं और राष्ट्रपति भवन स्थित सरकारी प्रेस में सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए.
- •बाद की घटनाओं में 1959 में एक सिगरेट कंपनी के लिए उत्पाद शुल्क परिवर्तन और 1974 में पूरक बजट से संबंधित कथित लीक शामिल थे, हालांकि इन्हें उल्लंघन के रूप में पुष्टि नहीं की गई थी.
- •1980 और 1983 में बजट सत्र से ठीक पहले सरकार द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ाने और राजस्व निहितार्थों वाली अधिसूचनाएं जारी करने को लेकर चिंताएं व्यक्त की गईं, जिससे संसदीय जांच कमजोर हुई.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत में बजट लीक और अनुचितता का इतिहास रहा है, जो बजट प्रक्रिया की पवित्रता को उजागर करता है.
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