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News1803-02-2026, 15:15

सुप्रीम कोर्ट: फैसले में देरी एक 'बीमारी', इसे खत्म करना होगा.

  • सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्टों द्वारा महीनों तक फैसले सुरक्षित रखने को एक 'पहचानी हुई बीमारी' बताया, जिसे न्याय में देरी रोकने के लिए खत्म किया जाना चाहिए.
  • मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ झारखंड हाई कोर्ट के एक फैसले पर सुनवाई कर रही थी, जिसे 4 दिसंबर 2025 को मौखिक रूप से सुनाया गया था, लेकिन अभी तक अपलोड नहीं किया गया है.
  • वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने देरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह 'कानून की गरिमा के साथ खिलवाड़' है.
  • सीजेआई सूर्यकांत ने दो तरह के न्यायाधीशों का उल्लेख किया: मेहनती न्यायाधीश जो कई मामलों में फैसला सुरक्षित रखते हैं लेकिन फिर उसे सुनाने में देरी करते हैं, और वे जो बार-बार आगे के निर्देशों के लिए बहस पोस्ट करते हैं.
  • सीजेआई ने कहा कि वह इस मुद्दे पर हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के साथ आगामी बैठक में चर्चा करेंगे ताकि समाधान ढूंढा जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि फैसले तुरंत सुनाए जाएं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने न्याय और न्यायिक अखंडता बनाए रखने के लिए फैसले में देरी को खत्म करने पर जोर दिया.

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