सुप्रीम कोर्ट: फैसले में देरी 'बीमारी' है, इसे खत्म करना होगा

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CNBC TV18•03-02-2026, 16:42
सुप्रीम कोर्ट: फैसले में देरी 'बीमारी' है, इसे खत्म करना होगा
- •सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा फैसले सुनाने में देरी को एक 'पहचानी हुई बीमारी' बताया, जिसे समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए खत्म किया जाना चाहिए.
- •मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ झारखंड हाई कोर्ट के एक मौखिक फैसले पर सुनवाई कर रही थी, जिसे अभी तक अपलोड नहीं किया गया है.
- •वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने देरी की आलोचना करते हुए कहा कि यह 'कानून की गरिमा के साथ खिलवाड़' है.
- •सीजेआई सूर्यकांत ने दो प्रकार के न्यायाधीशों पर प्रकाश डाला और जोर दिया कि फैसले में देरी न्यायपालिका के लिए एक चुनौती है जिसका इलाज किया जाना चाहिए.
- •सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को आरक्षित फैसलों की समय-सीमा पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जिसमें आरक्षण, घोषणा और अपलोड करने की तारीखें शामिल हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने जोर दिया कि फैसले में देरी एक गंभीर मुद्दा है जिसे प्रभावी न्याय के लिए खत्म किया जाना चाहिए.
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