सुप्रीम कोर्ट ने विमुक्त जनजातियों को जनगणना में शामिल करने वाली जनहित याचिका खारिज की.
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सुप्रीम कोर्ट ने जनगणना में विमुक्त जनजातियों को शामिल करने वाली PIL खारिज की.
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News18•24-03-2026, 14:30
सुप्रीम कोर्ट ने जनगणना में विमुक्त जनजातियों को शामिल करने वाली PIL खारिज की.
•सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनगणना में विमुक्त खानाबदोश जनजातियों (DNTs) को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इनकार कर दिया.
•मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि ऐसे वर्गीकरण सरकारी नीति के दायरे में आते हैं और "न्यायसंगत नहीं" हैं.
•याचिकाकर्ता दक्शिणकुमार बजरंग को भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के समक्ष प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी गई.
•मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका के इरादे पर सवाल उठाया, इसे "समाज को विभाजित करने के लिए एक गहरी चाल" बताया और बाहरी प्रभावों की संभावना जताई.
•अदालत ने जोर दिया कि जनगणना वर्गीकरण एक विशेषज्ञ नीतिगत निर्णय है, न कि न्यायिक हस्तक्षेप का मामला.