Representational image (Image: News18)
N
News1825-02-2026, 14:00

सुप्रीम कोर्ट ने परियोजनाओं को पूर्वव्यापी EC देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई फिर से शुरू की.

  • सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं को पूर्वव्यापी पर्यावरण मंजूरी (EC) देने से संबंधित याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई फिर से शुरू की है.
  • पिछले साल 18 नवंबर को 2:1 के बहुमत वाले फैसले ने पूर्वव्यापी EC की अनुमति दी थी, जिसमें 'हजारों करोड़ रुपये' बर्बाद होने की आशंका जताई गई थी.
  • याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पूर्वव्यापी मंजूरी के लिए मौजूदा कानूनी ढांचा त्रुटिपूर्ण है, इसमें वैधानिक समर्थन का अभाव है, और 2017 की अधिसूचना एक 'अस्थायी उपाय' थी जो समाप्त हो गई थी.
  • वरिष्ठ वकीलों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पर्यावरण कानून के तहत 'पूर्व मंजूरी' एक अनिवार्य शर्त है, जिसमें एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स और कॉमन कॉज मामलों का हवाला दिया गया है.
  • यह चिंता जताई गई कि पोस्ट-फैक्टो मंजूरी की अनुमति देना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के साथ विरोधाभासी है और 'आनुपातिकता सिद्धांत' पर्यावरणीय सुरक्षा को ओवरराइड नहीं कर सकता है.

More like this

Loading more articles...