कोलकाता में द्वितीय विश्व युद्ध-युग की सजी ट्राम 'गीतांजलि' का सफर.
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द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की 'गीतांजलि' ट्राम कोलकाता की सड़कों पर दौड़ी, पुरानी यादें ताजा हुईं.
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News18•24-02-2026, 22:15
द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की 'गीतांजलि' ट्राम कोलकाता की सड़कों पर दौड़ी, पुरानी यादें ताजा हुईं.
•द्वितीय विश्व युद्ध के दौर की एक विशेष रूप से सजी लकड़ी की ट्रामकार, 'गीतांजलि', 1873 में शहर की पहली ट्राम सेवा की वर्षगांठ मनाने के लिए कोलकाता में दौड़ी.
•50 उत्साही लोगों के साथ विंटेज ट्राम ने गरियाहाट डिपो से श्यामबाजार तक यात्रा की, जिसने ध्यान आकर्षित किया और पुरानी यादें ताजा कीं.
•कलकत्ता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने ट्राम के बहुस्तरीय अतीत को उजागर किया, जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्लैकआउट में इसका निर्माण भी शामिल है.
•एशिया का सबसे पुराना कोलकाता का ट्राम नेटवर्क 1960 के दशक में 37 लाइनों से घटकर आज केवल दो परिचालन मार्गों तक सीमित हो गया है.
•2014 में एक विरासत ट्राम घोषित 'गीतांजलि' नोनापुकुर डिपो में रखी गई है और इसे विशेष अवसरों के लिए किराए पर लिया जा सकता है.