बजट 2026: डेरिवेटिव्स पर STT बढ़ोतरी का म्यूचुअल फंड पर असर

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CNBC TV18•03-02-2026, 11:39
बजट 2026: डेरिवेटिव्स पर STT बढ़ोतरी का म्यूचुअल फंड पर असर
- •केंद्रीय बजट 2026-27 में डेरिवेटिव्स पर प्रतिभूति लेनदेन कर (STT) में उल्लेखनीय वृद्धि की गई, जिसमें वायदा पर 0.02% से 0.05% और विकल्पों पर 0.1% से 0.15% की वृद्धि हुई.
- •STT वृद्धि से खुदरा निवेशकों को बार-बार F&O ट्रेडिंग से दूर रहने की उम्मीद है, जिससे वे दीर्घकालिक धन सृजन के लिए म्यूचुअल फंड और प्रत्यक्ष इक्विटी की ओर आकर्षित हो सकते हैं.
- •आर्बिट्राज फंड और कुछ विशेष निवेश फंड (SIF) जो डेरिवेटिव्स पर निर्भर करते हैं, उन्हें उच्च लेनदेन लागत का सामना करना पड़ेगा, जिससे वार्षिक रिटर्न 0.20-0.40 प्रतिशत अंक तक कम हो सकता है.
- •इक्विटी म्यूचुअल फंड को कोई नई कर रियायत नहीं मिली, लेकिन सरकार का पर्याप्त पूंजीगत व्यय और बायोफार्मा शक्ति जैसी पहल से क्षेत्रीय लाभ मिलने की उम्मीद है.
- •ऋण फंडों के लिए इंडेक्सेशन लाभ बहाल करने की उम्मीदें बजट 2026 में पूरी नहीं हुईं, जिसका अर्थ है कि 1 अप्रैल, 2023 के बाद खरीदे गए ऋण फंडों पर होल्डिंग अवधि की परवाह किए बिना स्लैब दरों पर कर लगेगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 में डेरिवेटिव्स पर STT वृद्धि का उद्देश्य सट्टेबाजी को कम करना है.
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