बजट 2026: इकोनॉमिक सर्वे में 'चाणक्य सूत्र' का इस्तेमाल, जानिए क्या हैं इसके मायने.

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CNBC Awaaz•29-01-2026, 13:05
बजट 2026: इकोनॉमिक सर्वे में 'चाणक्य सूत्र' का इस्तेमाल, जानिए क्या हैं इसके मायने.
- •बजट 2026 के इकोनॉमिक सर्वे में चाणक्य के 'सुखस्य मूलं धर्मः, धर्मस्य मूलं अर्थः, अर्थस्य मूलं राज्यम्' सूत्र का उल्लेख किया गया है.
- •इस सूत्र का अर्थ है कि समाज का सुख 'धर्म' पर आधारित है, 'धर्म' का आधार मजबूत अर्थव्यवस्था ('अर्थ') है, और अर्थव्यवस्था का प्रबंधन 'राज्य' (सरकार) का दायित्व है.
- •भारत का आम बजट इसी दर्शन का आधुनिक रूप है, जिसका उद्देश्य देश में सुख और संतुलन बनाए रखना है.
- •सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर खर्च करती है ताकि नागरिक सम्मान से जी सकें, जो 'धर्म' का ही एक रूप है.
- •एक मजबूत और न्यायपूर्ण राज्य 'अर्थ' को बढ़ाता है, जिससे लोग 'धर्म' का पालन कर पाते हैं और अंततः सच्चा सुख प्राप्त होता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट 2026 का आर्थिक दर्शन चाणक्य के सूत्र पर आधारित है, जो राज्य-नेतृत्व वाली आर्थिक शक्ति को सामाजिक सुख से जोड़ता है.
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