चीन- तिब्बत युद्ध के बाद शरणार्थियों के लिए बनाया गया था देहरादून का यह मार्केट 
देहरादून
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News1804-02-2026, 13:40

देहरादून का तिब्बत मार्केट: विरासत, निश्चित मूल्य और गुणवत्तापूर्ण सामान का अनूठा संगम

  • देहरादून का तिब्बत मार्केट अपनी अनूठी 'नो बार्गेनिंग' नीति के लिए जाना जाता है, जहां सभी सामान निश्चित, टैग किए गए मूल्यों पर बेचे जाते हैं, जिससे ग्राहकों और दुकानदारों दोनों का समय बचता है.
  • उत्तराखंड के विभाजन से पहले स्थापित, यह बाजार उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े, जूते, जैकेट और एक्सेसरीज प्रदान करता है, जिससे यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच पसंदीदा है.
  • यह बाजार 1989 में तिब्बती शरणार्थियों द्वारा स्थापित किया गया था, जो 1959 के तिब्बत-चीन संघर्ष के बाद उत्तराखंड में बस गए थे; उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के तहत उनकी आजीविका के लिए भूमि आवंटित की थी.
  • देहरादून के केंद्र में स्थित, यह आसानी से सुलभ है और 156 दुकानों में सर्दियों के कपड़े, फॉर्मल, कैजुअल, बैग, जूते और मोबाइल एक्सेसरीज सहित उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है.
  • खरीदारी के अलावा, आगंतुक तिब्बती और चीनी भोजन का भी आनंद ले सकते हैं, उत्तराखंड की राजधानी में तिब्बती संस्कृति की झलक का अनुभव कर सकते हैं.

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