सुप्रीम कोर्ट का फैसला: नॉन-कंपीट फीस राजस्व व्यय, कर कटौती योग्य.

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CNBC TV18•19-12-2025, 23:49
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: नॉन-कंपीट फीस राजस्व व्यय, कर कटौती योग्य.
- •सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि नॉन-कंपीट फीस राजस्व व्यय हैं और इसलिए आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर कटौती योग्य हैं.
- •यह फैसला आयकर विभाग के इस तर्क को खारिज करता है कि ऐसे भुगतान पूंजीगत व्यय हैं.
- •कोर्ट ने कहा कि नॉन-कंपीट फीस व्यवसाय की रक्षा या उसे बढ़ाने के लिए होती हैं और नए एसेट नहीं बनाती हैं.
- •इसने शार्प बिजनेस सिस्टम बनाम लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड मामले में 2012 के दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को पलट दिया.
- •यह निर्णय विलय, संयुक्त उद्यम और पुनर्गठन लेनदेन में कॉर्पोरेट कर उपचार के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने नॉन-कंपीट फीस को कर-कटौती योग्य राजस्व व्यय घोषित किया, जिससे कॉर्पोरेट कर प्रभावित होगा.
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