Courts have drawn a line between regulating the secular administration of religious institutions and interfering in matters closely connected to faith and practice. (Getty Images)
एक्सप्लेनर्स
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News1829-01-2026, 10:03

महाकाल VIP दर्शन: SC ने हस्तक्षेप से किया इनकार, मंदिर पहुंच पर बहस तेज

  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में 'VIP दर्शन' के खिलाफ एक याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि मंदिर में प्रवेश न्यायिक निर्णय का विषय नहीं है.
  • इस फैसले ने भक्तों के बीच बहस छेड़ दी, जो लंबी कतारों में खड़े रहते हैं जबकि अन्य को तरजीही पहुंच मिलती है, जिससे निष्पक्षता और समानता पर सवाल उठते हैं.
  • अधिवक्ता रिदम शील श्रीवास्तव का तर्क है कि राज्य-नियंत्रित मंदिर प्रशासनों के निर्णय, जैसे तरजीही पहुंच, अनुच्छेद 14 के तहत न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं.
  • याचिकाकर्ता, दर्पण अवस्थी ने तरजीही पहुंच को चुनौती दी, यह तर्क देते हुए कि राज्य पर्यवेक्षण के तहत एक सार्वजनिक धार्मिक संस्थान में समान और पारदर्शी प्रवेश नीतियां होनी चाहिए.
  • सीजेआई सूर्यकांत ने न्यायिक आत्म-संयम पर जोर दिया, यह कहते हुए कि अदालतों को धार्मिक प्रथाओं का मध्यस्थ नहीं बनना चाहिए, बल्कि न्यायोचितता और कानूनी उल्लंघनों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महाकाल VIP दर्शन में सुप्रीम कोर्ट का गैर-हस्तक्षेप मंदिर पहुंच में न्यायिक संयम बनाम समानता को उजागर करता है.

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