दिल्ली उच्च न्यायालय: आवासीय क्षेत्रों में खुले कूड़ेदान और सार्वजनिक मूत्रालय जीवन के अधिकार का उल्लंघन.
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दिल्ली हाई कोर्ट: आवासीय क्षेत्रों में खुले कूड़ेदान, मूत्रालय जीवन के अधिकार का उल्लंघन.
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CNBC TV18•20-02-2026, 14:03
दिल्ली हाई कोर्ट: आवासीय क्षेत्रों में खुले कूड़ेदान, मूत्रालय जीवन के अधिकार का उल्लंघन.
•दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आवासीय क्षेत्रों में खुले कूड़ेदान और सार्वजनिक मूत्रालय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन करते हैं.
•न्यायमूर्ति अमित बंसल ने MCD को चार सप्ताह के भीतर कूड़ेदान और मूत्रालय हटाने का निर्देश दिया.
•अदालत ने जोर दिया कि एक स्वच्छ वातावरण स्वस्थ जीवन और गरिमा के साथ जीने के लिए अभिन्न अंग है.
•यह याचिका अधिवक्ता रचित गुप्ता ने दायर की थी, जिनकी अधिकारियों को बार-बार की गई शिकायतें अनुत्तरित रहीं.
•MCD को आवासीय संपत्तियों से उचित दूरी पर सूखे और गीले कचरे के पृथक्करण के लिए एक उचित ढका हुआ कूड़ेदान स्थापित करने का भी निर्देश दिया गया.