हरियाणा का 2022 कानून: राम रहीम को 'हार्डकोर अपराधी' न मानने से बार-बार पैरोल.

भारत
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News18•08-01-2026, 21:39
हरियाणा का 2022 कानून: राम रहीम को 'हार्डकोर अपराधी' न मानने से बार-बार पैरोल.
- •हरियाणा के 2022 कानून ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के लिए बार-बार पैरोल की प्रक्रिया को आसान बना दिया है, जिससे उन्हें 2017 से अब तक 406 दिन की रिहाई मिली है.
- •यह कानून 'हार्डकोर दोषी कैदियों' (बलात्कार/हत्या के दोषी) को 5 साल की सजा पूरी करने के बाद नियमित पैरोल की अनुमति देता है, जिसे राम रहीम अपनी 2017 के बलात्कार और 2019/2021 की हत्या की सजा के बावजूद पूरा करते हैं.
- •हरियाणा सरकार ने अदालत में तर्क दिया कि राम रहीम 'हार्डकोर अपराधी' नहीं हैं क्योंकि उनकी हत्या की सजा साजिश के लिए थी, न कि शारीरिक कृत्यों के लिए, कानून की परिभाषा के बावजूद.
- •राम रहीम को 15 बार पैरोल मिली है, कुल 406 दिन, जिसमें हरियाणा सरकार ने राज्य सुरक्षा या सार्वजनिक शांति के लिए कोई खतरा नहीं उठाया, उनकी गंभीर सजाओं के बावजूद.
- •पैरोल का समय अक्सर हरियाणा और पंजाब में चुनावों के साथ मेल खाता है, जिससे उनके कथित वोट बैंक प्रभाव के कारण राजनीतिक प्रेरणा का संदेह पैदा होता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: हरियाणा का 2022 कानून और उसकी व्याख्या ने राम रहीम को बार-बार पैरोल दिलाने में मदद की है, जिससे राजनीतिक और कानूनी बहस छिड़ गई है.
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