भारत में क्रिप्टो के लिए सख्त KYC अनिवार्य: सेल्फी, पेनी ड्रॉप, लाइवनेस डिटेक्शन अब जरूरी.

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CNBC TV18•11-01-2026, 15:57
भारत में क्रिप्टो के लिए सख्त KYC अनिवार्य: सेल्फी, पेनी ड्रॉप, लाइवनेस डिटेक्शन अब जरूरी.
- •भारत की वित्तीय खुफिया एजेंसी, FIU ने क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों के लिए नए एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग (AML) और आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण (CFT) KYC प्रोटोकॉल अनिवार्य किए हैं.
- •नई आवश्यकताओं में उपयोगकर्ता ऑनबोर्डिंग के लिए लाइवनेस डिटेक्शन के साथ सेल्फी, भौगोलिक निर्देशांक की रिकॉर्डिंग और 'पेनी-ड्रॉप' बैंक खाता सत्यापन शामिल हैं.
- •निर्देशों में प्रारंभिक सिक्का पेशकश (ICO) और प्रारंभिक टोकन पेशकश (ITO) को हतोत्साहित किया गया है और टम्बलर, मिक्सर और गुमनामी बढ़ाने वाले टोकन से जुड़े लेनदेन पर रोक लगाई गई है.
- •सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों को FIU के साथ पंजीकरण करना होगा, संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट जमा करनी होगी और वित्तीय जोखिमों से निपटने के लिए ग्राहक रिकॉर्ड बनाए रखने होंगे.
- •एक्सचेंजों को उच्च जोखिम वाले ग्राहकों के लिए हर छह महीने में और अन्य सभी के लिए सालाना KYC अपडेट करना होगा, साथ ही PEPs, NPOs और टैक्स हेवन से जुड़े लोगों के लिए बढ़ी हुई जांच करनी होगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत ने क्रिप्टो के लिए सख्त KYC लागू किया, जिसमें अवैध वित्तपोषण से निपटने के लिए सेल्फी, लाइवनेस डिटेक्शन और बैंक सत्यापन अनिवार्य है.
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