The Karnataka HC maintained that protecting female safety outweighs a defendant's request for an early discharge before the facts are fully examined. (Image for representation)
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News1828-01-2026, 22:04

कर्नाटक HC: 'कोई महिला सुरक्षित नहीं' - वॉयूरिज्म मामले में राहत देने से इनकार

  • कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति की वॉयूरिज्म मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी, यह कहते हुए कि यदि ऐसी घटनाओं को हल्के में लिया गया तो 'कोई महिला सुरक्षित नहीं' है.
  • आरोपी पर 2024 में बेंगलुरु के एक खुदरा स्टोर के ट्रायल रूम में कपड़े बदलते समय एक महिला की तस्वीरें लेने का प्रयास करने का आरोप था.
  • न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने जोर दिया कि ड्रेसिंग रूम में गोपनीयता का उल्लंघन सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा से समझौता करता है.
  • अदालत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिला सुरक्षा की रक्षा करना आरोपी के शीघ्र बरी होने के अनुरोध से अधिक महत्वपूर्ण है, खासकर डिजिटल साक्ष्य को आसानी से हटाने की संभावना को देखते हुए.
  • आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 77 के तहत वॉयूरिज्म का मामला दर्ज किया गया था, और अदालत ने औपचारिक सुनवाई पर जोर दिया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कर्नाटक HC ने वॉयूरिज्म मामले में राहत देने से इनकार किया, महिला सुरक्षा और औपचारिक सुनवाई पर जोर दिया.

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