Saxena claimed that the statements by Patkar (above) were crafted to tarnish his reputation and public standing. File pic/PTI
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News1825-01-2026, 04:45

20 साल बाद मेधा पाटकर को दिल्ली कोर्ट ने मानहानि मामले में बरी किया

  • सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को दिल्ली की एक अदालत ने दो दशक पुराने आपराधिक मानहानि मामले में बरी कर दिया है.
  • यह शिकायत वर्तमान दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने 2006 में दर्ज कराई थी, जब वह नेशनल काउंसिल ऑफ सिविल लिबर्टीज (NCCL) के प्रमुख थे.
  • अदालत ने 'साक्ष्य संबंधी कमियों' का हवाला दिया, जिसमें कथित मानहानिकारक बयानों की मूल वीडियो फुटेज या रिकॉर्डिंग डिवाइस पेश करने में विफलता शामिल है.
  • साक्षात्कार की रिकॉर्डिंग के चश्मदीदों की कमी और गवाही में विसंगतियों ने अभियोजन पक्ष के मामले को और कमजोर कर दिया.
  • यह बरी होना एक अलग मानहानि मामले से भिन्न है, जहां अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने पाटकर की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था, लेकिन उनकी सजा में संशोधन किया गया था.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: साक्ष्य के अभाव में मेधा पाटकर 20 साल पुराने मानहानि मामले में बरी, एक लंबा कानूनी अध्याय समाप्त.

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