Justice Bhuyan was delivering the Principal G V Pandit Memorial Lecture on "Constitutional Morality and Democratic Governance" at ILS Law College in Pune. (X)
भारत
N
News1825-01-2026, 15:53

न्यायिक तबादलों में कार्यकारी प्रभाव पर SC जज ने जताई चिंता: 'न्यायपालिका का विशेष अधिकार'

  • न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि न्यायिक तबादले न्यायपालिका का आंतरिक मामला हैं, जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है, और न्यायिक स्वतंत्रता 'गैर-परक्राम्य' है.
  • पुणे के ILS लॉ कॉलेज में जी वी पंडित मेमोरियल लेक्चर में उन्होंने कहा कि तबादले केवल न्याय के बेहतर प्रशासन के लिए होते हैं और न्यायपालिका के विशेष अधिकार क्षेत्र में आते हैं.
  • उन्होंने एक हालिया घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जहां केंद्र के पुनर्विचार के अनुरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्थानांतरण प्रस्ताव को बदल दिया.
  • न्यायमूर्ति भुइयां ने जोर दिया कि न्यायिक स्वतंत्रता संविधान की एक मूलभूत विशेषता है, जो न्यायपालिका की विश्वसनीयता, प्रासंगिकता और वैधता के लिए महत्वपूर्ण है.
  • उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक स्वतंत्रता के लिए सबसे बड़ा खतरा भीतर से आ सकता है, और न्यायाधीशों से राजनीतिक प्रभाव के खिलाफ अपने संवैधानिक शपथ को बनाए रखने का आग्रह किया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: SC न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि न्यायिक तबादले न्यायपालिका का विशेष अधिकार हैं, कार्यकारी प्रभाव के खिलाफ चेतावनी दी.

More like this

Loading more articles...