The judgment emphasised that treating every sour relationship as a criminal offence not only trivialises the gravity of rape but also inflicts an 'indelible stigma' on the accused. File pic/PTI
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News1827-12-2025, 16:21

सुप्रीम कोर्ट के 'सिक्स्थ सेंस' ने बलात्कार की सजा पलटी, जोड़े को शादी में मिलाया.

  • सुप्रीम कोर्ट ने संदीप सिंह ठाकुर की बलात्कार की सजा रद्द की, इसे 'आपराधिक रंग' दिया गया एक सहमतिपूर्ण संबंध बताया.
  • न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने अनुच्छेद 142 की शक्तियों का उपयोग कर 10 साल की सजा को रद्द किया.
  • पीठ के 'सिक्स्थ सेंस' ने उन्हें शादी का सुझाव दिया, जिस पर जोड़े और माता-पिता ने चैंबर में बातचीत के बाद सहमति व्यक्त की.
  • जुलाई 2025 में शादी के लिए व्यक्ति को जमानत मिली; कोर्ट ने दिसंबर में उन्हें खुशी से विवाहित पाया, उसकी नौकरी और बकाया बहाल किया.
  • कोर्ट ने कहा कि शिकायत शादी टालने पर महिला की असुरक्षा से उपजी थी, न कि 'शादी के झूठे वादे' से.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट ने असफल सहमतिपूर्ण संबंधों को अपराधीकरण के खिलाफ चेतावनी दी, बलात्कार की गंभीरता पर जोर दिया.

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