Supreme Court of India
भारत
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CNBC TV1813-01-2026, 11:48

भ्रष्टाचार जांच में सरकारी मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट में मतभेद

  • सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A की वैधता पर खंडित फैसला सुनाया.
  • धारा 17A भ्रष्टाचार के मामलों में लोक सेवकों की जांच से पहले सरकारी मंजूरी अनिवार्य करती है.
  • न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन ने धारा 17A को बरकरार रखा, दुर्भावनापूर्ण शिकायतों से सुरक्षा का हवाला दिया.
  • न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने धारा 17A को रद्द करने की मांग की, तर्क दिया कि यह भ्रष्टों को बचाता है.
  • यह मामला अब अंतिम निर्णय के लिए बड़ी पीठ के गठन हेतु भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश लोक सेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच के लिए सरकारी मंजूरी पर असहमत हैं.

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