Exiled Bangladeshi author Taslima Nasreen and Music composer AR Rahman. (File photos: PTI/AFP)
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News1819-01-2026, 16:58

तस्लीमा नसरीन ने एआर रहमान के 'सांप्रदायिक' बयानों पर साधा निशाना, कहा 'उन्हें दया का पात्र बनना शोभा नहीं देता'.

  • निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने हिंदी फिल्म उद्योग पर एआर रहमान की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है.
  • नसरीन ने तर्क दिया कि रहमान जैसे प्रसिद्ध और धनी कलाकारों को आम लोगों जैसे पूर्वाग्रह का सामना नहीं करना पड़ता है.
  • उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे बॉलीवुड सितारों का उदाहरण दिया, जो उद्योग में सफल मुस्लिम हैं.
  • नसरीन ने रहमान की स्थिति की तुलना अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों से की, जिसमें एक नास्तिक के रूप में मुस्लिम माने जाने के कारण आवास और स्वास्थ्य सेवा में भेदभाव शामिल है.
  • उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि रहमान, जिन्हें सभी समुदायों द्वारा सम्मानित किया जाता है, उन्हें दया का पात्र नहीं बनना चाहिए, भले ही उनके काम में सांप्रदायिक कारणों से गिरावट आई हो.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: तस्लीमा नसरीन ने एआर रहमान के 'सांप्रदायिक' दावों को खारिज किया, प्रसिद्ध कलाकारों के विशेषाधिकार पर प्रकाश डाला.

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