प्राचीन भारतीय संरचनाएं: वैज्ञानिक इंजीनियरिंग प्रतिभा से आज भी चकित.
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Firstpost08-01-2026, 20:19

प्राचीन भारतीय संरचनाएं: वैज्ञानिक इंजीनियरिंग प्रतिभा से आज भी चकित.

  • कैलाश मंदिर (एलोरा): एक ही चट्टान से ऊपर से नीचे की ओर तराशा गया एकाश्म चमत्कार; 200,000 टन बेसाल्ट हटाया गया, परिवहन विधि अज्ञात.
  • बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर): 80 टन ग्रेनाइट कैपस्टोन बिना आधुनिक मशीनरी के 60 मीटर ऊपर उठाया गया, एक इंजीनियरिंग पहेली.
  • लौह स्तंभ (दिल्ली): 1,600 साल से अधिक पुराना, प्राचीन भारतीय धातु विज्ञान के कारण जंग प्रतिरोधी है.
  • कोणार्क सूर्य मंदिर (ओडिशा): 24 सूर्यघड़ी पहियों के साथ एक खगोलीय उपकरण के रूप में डिज़ाइन किया गया, सटीक सौर संरेखण दर्शाता है.
  • रानी की वाव (गुजरात) और बराबर गुफाएं (बिहार): क्रमशः परिष्कृत जल प्रबंधन और दर्पण जैसी ग्रेनाइट पॉलिशिंग तकनीकें प्रदर्शित करती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्राचीन भारतीय संरचनाएं उन्नत इंजीनियरिंग, विज्ञान और स्थापत्य कला का प्रदर्शन करती हैं जो आज भी आधुनिक समझ को चुनौती देती हैं.

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