Quote of the day by Dr Sarvepalli Radhakrishnan: “Books are the means by which we build bridges between cultures”
जीवनशैली
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Moneycontrol20-01-2026, 08:13

डॉ. राधाकृष्णन: किताबें संस्कृतियों को जोड़ती हैं, सहानुभूति और समझ को बढ़ावा देती हैं

  • प्रख्यात दार्शनिक और राजनेता डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने किताबों को सांस्कृतिक सद्भाव के साधन के रूप में महत्व दिया.
  • उनका उद्धरण, "किताबें वे साधन हैं जिनसे हम संस्कृतियों के बीच पुल बनाते हैं," समझ को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालता है.
  • किताबें पाठकों को विविध आवाजों, संस्कृतियों और अनुभवों को जानने, पूर्वाग्रहों को दूर करने और साझा मानवता को प्रकट करने में मदद करती हैं.
  • वे सहानुभूति विकसित करती हैं, पीढ़ियों तक ज्ञान को संरक्षित करती हैं, अज्ञानता को चुनौती देती हैं और सम्मानजनक संवाद को प्रोत्साहित करती हैं.
  • सांस्कृतिक सेतु बनाने के लिए, विविध लेखकों को पढ़ें, खुले विचारों के साथ ग्रंथों को समझें, विचारों पर चर्चा करें और बच्चों में पढ़ने को प्रोत्साहित करें.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: किताबें सांस्कृतिक सेतु बनाने, सहानुभूति को बढ़ावा देने और विविध समाजों में समझ बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

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