आखिरी मिनट में कपड़े चुनना: लापरवाही नहीं, अनुकूलनशीलता की निशानी

जीवनशैली
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Moneycontrol•05-02-2026, 09:01
आखिरी मिनट में कपड़े चुनना: लापरवाही नहीं, अनुकूलनशीलता की निशानी
- •आखिरी मिनट में कपड़े चुनना, जिसे कभी लापरवाही माना जाता था, अब तेज़-तर्रार दुनिया में एक व्यावहारिक और सूचित विकल्प बन गया है.
- •Booon के संस्थापक अरुण कुमार बताते हैं कि वर्तमान मांगें और मूड कपड़ों के चुनाव को निर्धारित करते हैं, जो तेज़ी से बदल सकते हैं.
- •डिलीवरी की बढ़ी हुई गति और फैशन की ज़रूरतों तक ऑन-डिमांड पहुंच व्यक्तियों को समय पर और विचारपूर्वक कपड़े चुनने में सक्षम बनाती है.
- •आखिरी मिनट में कपड़े चुनने वाले अक्सर अपनी शैली की गहरी समझ रखते हैं और बहुमुखी कपड़ों के साथ प्रभावी, बिना जल्दबाजी वाले निर्णय ले सकते हैं.
- •यह दृष्टिकोण अत्यधिक सोचने को कम करता है, सहजता और रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, जिससे वर्तमान मूड के अनुरूप आत्मविश्वासपूर्ण और वास्तविक पोशाक विकल्प बनते हैं.
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