Bipasha Basu stood out for her athletic physique and consistently championed the idea that fitness is about capability and resilience, not just appearance
जीवनशैली
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News1807-01-2026, 12:38

बिपाशा बसु 47 की हुईं: उनका फिटनेस संदेश आज भी प्रासंगिक.

  • 47 साल की हुईं बिपाशा बसु का फिटनेस के प्रति दृष्टिकोण आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना दशकों पहले था.
  • उन्होंने 2018 में महिलाओं के लिए वेट ट्रेनिंग की वकालत की, जिससे शरीर की चर्बी कम होती है और हड्डियों की बीमारी का खतरा कम होता है.
  • फिटनेस विशेषज्ञ मैत्री बोडा ने "बल्क अप" होने के मिथक को खारिज किया, बताया कि महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन कम होता है.
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग मेटाबॉलिक रेट बढ़ाती है, उम्र के साथ मांसपेशियों को बनाए रखती है और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करती है.
  • सही तरीके से वेटलिफ्टिंग जोड़ों को मजबूत करती है, संतुलन सुधारती है और दैनिक गतिविधियों को सुरक्षित बनाती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बिपाशा बसु का संदेश: महिलाओं के स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आवश्यक है.

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