ईयरपॉड्स का लंबे समय तक उपयोग: विशेषज्ञ बताते हैं सुनने की क्षति के जोखिम
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ईयरपॉड्स से सुनने की क्षमता को खतरा? विशेषज्ञ बताते हैं लंबे समय तक उपयोग के जोखिम.
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News18•08-03-2026, 17:10
ईयरपॉड्स से सुनने की क्षमता को खतरा? विशेषज्ञ बताते हैं लंबे समय तक उपयोग के जोखिम.
•डॉ. श्रेखा पद्माक्षन, एसोसिएट कंसल्टेंट – ईएनटी, फोर्टिस हॉस्पिटल कल्याण, मुंबई के अनुसार, ईयरपॉड्स सीधे कान नहर में होते हैं, जिससे ध्वनि कान के परदे के बहुत करीब होती है और अधिक तीव्र महसूस होती है.
•लंबे समय तक तेज आवाज के संपर्क में रहने से आंतरिक कान की नाजुक बाल कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे स्थायी बहरापन हो सकता है क्योंकि ये कोशिकाएं पुनर्जीवित नहीं होतीं.
•विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में लगभग 1.1 अरब युवा असुरक्षित सुनने की आदतों के कारण सुनने की क्षमता को नुकसान के जोखिम में हैं.
•विशेषज्ञ "60/60 नियम" का पालन करने की सलाह देते हैं: अधिकतम वॉल्यूम के 60% से अधिक पर 60 मिनट से अधिक न सुनें और बीच-बीच में ब्रेक लें.
•शोर-रद्द करने वाले हेडफ़ोन का उपयोग करने से शोरगुल वाले वातावरण में वॉल्यूम बढ़ाने (लॉम्बार्ड प्रभाव) से बचा जा सकता है और कान के संक्रमण व ईयरवैक्स ब्लॉकेज का खतरा कम होता है.