कामकाजी महिलाओं में UTI: रोजमर्रा की आदतें मूत्राशय के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती हैं.

जीवनशैली
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News18•13-01-2026, 10:47
कामकाजी महिलाओं में UTI: रोजमर्रा की आदतें मूत्राशय के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती हैं.
- •कामकाजी महिलाओं में UTI अक्सर आधुनिक कार्य संस्कृति से जुड़े होते हैं, जिसमें लंबे समय तक काम करना, बाथरूम जाने में देरी और अपर्याप्त हाइड्रेशन शामिल है.
- •लंबे समय तक पेशाब रोकने से बैक्टीरिया को बढ़ने का समय मिलता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है; कई महिलाएं बार-बार ब्रेक से बचने के लिए पानी का सेवन कम करती हैं.
- •डॉ. डी. बी. उषा रजनीकांतन और डॉ. जयश्री गजराज सांस लेने योग्य कपड़े, उचित स्वच्छता (आगे से पीछे पोंछना) और मूत्राशय को परेशान करने वाले पदार्थों से बचने पर जोर देती हैं.
- •UTI के लक्षणों को नजरअंदाज करने से किडनी संक्रमण, अनुपस्थिति में वृद्धि और एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं.
- •लक्षणों की शीघ्र पहचान और तत्काल चिकित्सा ध्यान महत्वपूर्ण हैं; स्व-दवा से दृढ़ता से बचना चाहिए.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कामकाजी महिलाओं के लिए सचेत दैनिक आदतों और समय पर चिकित्सा देखभाल के माध्यम से मूत्राशय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है.
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