Ayurveda explains why women feel more anxious in winter and offers grounding tips—from warm oils and routines to nourishing meals and mindful movement. (Image: Pexels)
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Moneycontrol09-01-2026, 12:01

सर्दियों में महिलाएं क्यों महसूस करती हैं अधिक चिंता और बेचैनी? आयुर्वेद विशेषज्ञ ने बताया कारण.

  • आयुर्वेद विशेषज्ञ डैनी कुमार मीना बताते हैं कि वात दोष, जो शरीर में गति को नियंत्रित करता है, ठंडे, शुष्क और अनियमित सर्दियों के वातावरण में बढ़ जाता है.
  • सर्दियों के गुण (छोटे दिन, ठंडी हवाएं, सूखापन) आंतरिक वात को बढ़ाते हैं, जिससे महिलाएं मानसिक असंतुलन के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं.
  • बढ़ा हुआ वात विचारों की दौड़, घबराहट और नींद में गड़बड़ी का कारण बनता है, ठंडे मौसम से शरीर सिकुड़ता है और तंत्रिका तंत्र पर तनाव डालता है.
  • महिलाएं हार्मोनल लय (मासिक धर्म, पीएमएस, पेरिमेनोपॉज), तंत्रिका संवेदनशीलता, कम धूप और बढ़े हुए भावनात्मक बोझ के कारण अधिक चिंता का अनुभव करती हैं.
  • वात को शांत करने के लिए आयुर्वेदिक सुझावों में नियमित दिनचर्या, गर्म तेल की मालिश (अभ्यंग), धीमी योग, ध्यान और गर्म, नम, पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन शामिल है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आयुर्वेद महिलाओं में सर्दियों की चिंता को बढ़े हुए वात दोष से जोड़ता है, संतुलन के लिए समग्र उपचार प्रदान करता है.

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