Repeated smog exposure leads to cumulative, long-term respiratory harm.
जीवनशैली
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News1810-01-2026, 13:23

सर्दियों के धुंध का स्थायी खतरा: धुंध छंटने के बाद भी फेफड़े पीड़ित रहते हैं.

  • डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि सर्दियों के धुंध से फेफड़ों को होने वाला नुकसान प्रदूषण का स्तर सुधरने के बाद भी बना रहता है, जिससे सूजन और कार्यक्षमता में कमी आती है.
  • बारीक कण पदार्थ (PM2.5) फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश करते हैं, जिससे लगातार सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव होता है, जो आसानी से प्रतिवर्ती नहीं होता.
  • बच्चे तेजी से सांस लेने और बाहर अधिक समय बिताने के कारण अधिक जोखिम में होते हैं, जिससे पुरानी खांसी, घरघराहट और फेफड़ों के विकास में बाधा आती है.
  • वयस्क, यहां तक कि बिना किसी पूर्व फेफड़ों की बीमारी के भी, लगातार खांसी, सीने में जकड़न और संक्रमणों के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता का अनुभव कर सकते हैं.
  • धुंध के बार-बार मौसमी संपर्क से फेफड़ों पर सूजन का भार जमा होता है, जिससे फेफड़ों का भंडार और व्यायाम क्षमता कम होती है और पुरानी श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: सर्दियों का धुंध फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुंचाता है, जिसके प्रभाव महीनों तक बने रहते हैं, खासकर बच्चों और कमजोर वयस्कों में.

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