शिक्षक होण्याचं स्वप्न अधुरं, ‘तो’ चहावाला बनला अन् भावाला ‘साहेब’ केला, प्रेरणादायी कहाणी
मनी
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News1817-12-2025, 14:47

शिक्षक बनने का सपना अधूरा, 'चायवाला' शिवाजी गोडसे ने भाई को बनाया अधिकारी.

  • बी.एड/डी.एड शिक्षित शिवाजी गोडसे को सोलापुर में नौकरी न मिलने पर चाय का व्यवसाय शुरू किया.
  • उन्होंने 1.5 लाख रुपये का निवेश कर 'आमदार गुळाचा चहा' नाम से गुड़ की चाय का व्यवसाय शुरू किया.
  • शुरुआती कठिनाइयों के बाद, अब उनका व्यवसाय प्रतिदिन 400 कप बेचकर 1 लाख रुपये मासिक टर्नओवर कमाता है.
  • शिवाजी ने अपने छोटे भाई को पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए हर महीने 5,000 रुपये दिए.
  • उनके छोटे भाई का चयन ठाणे सिटी पुलिस फोर्स में हुआ, जिससे उनका सपना पूरा हुआ.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: शिवाजी गोडसे की कहानी दिखाती है कि नौकरी न मिलने पर भी उद्यमिता से सपने पूरे हो सकते हैं.

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