Inspiring Story: रिक्षाचालक पतीचं निधन, ‘ती’ खचली नाही, निर्णय घेतला, मुंबईच्या ‘सावित्री’ची संघर्षगाथा!
मुंबई
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News1803-01-2026, 13:41

पति के निधन के बाद मुंबई की रेशमा दळवी बनी ऑटो चालक, बनी प्रेरणा.

  • दहिसर, मुंबई की रेशमा दळवी 2015 में पति के असामयिक निधन के बाद ऑटो-रिक्शा चालक बनीं, एक बच्चे के साथ वित्तीय संकट का सामना किया.
  • उन्होंने अपने पति का ऑटो-रिक्शा चलाने का साहसिक निर्णय लिया, साथी चालकों की मदद से शुरुआती कठिनाइयों को पार किया.
  • दिव्याज फाउंडेशन से वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने ऑटो-रिक्शा की मरम्मत करवाई और उसे अपग्रेड किया.
  • वह आंगनवाड़ी के काम से दिन की शुरुआत करती हैं, फिर देर रात तक ऑटो चलाती हैं, और अपने बेटे को सफलतापूर्वक पाला जो अब कार्यरत है.
  • रेशमा दळवी मुंबई के ऑटो-रिक्शा क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं और 'रिक्शावाली' के रूप में जानी जाती हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रेशमा दळवी का संघर्ष मुंबई में महिला सशक्तिकरण और दृढ़ता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है.

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