काजरी की रिसर्च से बदली पश्चिमी राजस्थान की खेती
कृषि
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News1828-01-2026, 06:18

काजरी मॉडल से बदली किसानों की तकदीर: कम पानी में बेर की बंपर उपज, रेगिस्तान में वरदान

  • काजरी ने पश्चिमी राजस्थान में बेर की खेती में क्रांति ला दी है, जिससे शुष्क चुनौतियों को किसानों के लिए लाभदायक अवसरों में बदल दिया गया है.
  • काजरी में गोला, उमरान और थाई एप्पल सहित बेर की 42 से अधिक किस्में सफलतापूर्वक विकसित और खेती की गई हैं, जिसमें 2000 से अधिक पेड़ व्यावसायिक पैमाने पर फल दे रहे हैं.
  • 6.25 हेक्टेयर में फैले वर्षा-आधारित बेर के बाग में 1700 पौधे सालाना 70 टन उत्पादन करते हैं, जो गहरी जड़ प्रणालियों के कारण न्यूनतम पानी के साथ उच्च उपज दर्शाते हैं.
  • थाई एप्पल बेर, सामान्य बेर से तीन गुना बड़ा और रसीला, लोकप्रिय है और मधुमेह रोगियों के लिए उपयुक्त है, काजरी सालाना 30-40 हजार पौधे प्रदान करता है.
  • बेर की खेती पारंपरिक फसलों का एक कम लागत वाला, कम रखरखाव वाला और स्थिर आय का विकल्प प्रदान करती है, जिससे शुष्क क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार होता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: काजरी का अभिनव बेर खेती मॉडल रेगिस्तानी खेती को बदल रहा है, जिससे किसानों के लिए उच्च उपज और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित हो रही है.

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